Top Subconscious Mind Secrets






“डिंग डोंग”, दरवाज़े की घंटी एक बार फिर से बजी.

Come to a decision In the event your aspiration was major and categorize it. An insignificant dream incorporates areas of your physical environment—you could possibly include smells, Appears, and Actual physical steps happening all-around you into your desire; an important dream is derived from the subconscious mind—It is far from a typical aspiration but an odd, puzzling, or illuminating dream.

‘Rarely had I pushed it down the road than it attracted waves and nods of affirmation from pedestrians and motorists alike.’

चैतन्य की बातें सुनकर सुमति नयी दुविधा में पड़ गयी. उसकी नयी यादें उसे बता रही थी कि सचमुच वो और चैतन्य अच्छे दोस्त थे. और वो उसकी आँखों में देखते रह गयी.

उसकी नजाकत भरी लचीली कमर, उसे संवेदनशील स्तन और जांघे, सब जगह वो छूना चाहती थी. पर किसी तरह वो खुद को संभाले हुई थी. अभी तो फिलहाल वो तैयार होकर खुद को आईने के सामने निहार रही थी. हलकी हरी रंग की साड़ी में बहुत खिल रही थी वो आज. एक तरह से उसका सपना सच हो गया था. वो हमेशा से ही इस दुनिया में एक औरत की तरह स्वच्छंद तरीके से विचरण करना चाहती थी, और आज वो एक असली औरत थी. आज वो अपने इस रूप को , इस जिस्म को घंटो आईने में निहार सकती थी और एक पल को भी बोर न होती. आज उसकी बस एक ख्वाहिश थी कि समय कुछ पलो के लिए थम जाए और वो अपने बदन और इस नए वरदान का सुख भोग सके.

“स्वागत है चैतन्य जिजाजी! आपके माता-पिता कहा रह गए? साथ नहीं दिख रहे” रोहित की बातें सुमति सुन सकती थी. तो घर पे सुमति के होने वाले “वो” आ ही गए. पता नहीं क्यों सुमति के मन में एक उत्सुकता हुई उनको एक झलक देखने की.

अब सभी निकलने को तैयार थे. चैतन्य ने अपनी कार घर के दरवाज़े पर ले आया. उसके पिताजी उसके साथ सामने बैठ गए. और कलावती, सुमति और रोहित एक साथ पीछे. सुमति बीच की सीट में बैठी थी. अब तो उसकी हाइट कम थी तो उसके पैर बीच की सीट में आराम से आ गए. औरत होने का एक फायदा here और!, सुमति सोच कर मुस्कुरा दी. वैसे भी वो अपनी शादी की खरीददारी के बारे में सोच कर ही खुश थी. “सुमति बेटा, तुम्हे पता तो है न कि तुम शादी के दिन क्या पहनना चाहोगी?

अचानक ही सुमति check here के दिमाग में पुरानी यादें आने लगी जब वो रक्षाबंधन के त्यौहार पे अपने भाई के हाथो पे राखी बाँधा करती थी. यह सच नहीं हो सकता, आखिर मैं कभी बहन थी ही नहीं. मेरा दिमाग मेरे साथ क्या खेल खेल रहा है?

subconscious mental action: a expression, now obs. in psychiatry, which was previously employed to include the preconscious

भाई को गले लगाना कोई बड़ी बात थोड़ी है. सुमति भी तो एक लड़के के रूप में हमेशा अपने भाई से मिलने पर गले लगाती थी. पर अब कुछ बदल गया था. अब उसके बड़े स्तन भी थे जो गले लगाने के बीच में आते थे.

After a romance breakup, how can I Manage my thoughts subconsciously to halt pondering earlier activities, Enable go of attachments, and stay away from going into a adverse emotional state?

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”, कलावती ने सुमति से पूछा. “हाँ माँ! मैं जानती हूँ मुझे क्या चाहिए.”, सुमति ने मुस्कुरा कर जवाब दिया. किसी और क्रॉस-ड्रेसर की तरह, सुमति को भी पता था कि दुल्हन के रूप में वो किस तरह से सजना चाहेंगी. इंडियन लेडीज़ क्लब में तो उसने कितनो के यह सपने सच भी किये थे. ये कितना ख़ुशी भरा दिन होने वाला था सुमति के लिए ! दुल्हन बनेगी वो सोच कर के ही वो बड़ी ख़ुश हो रही थी. और कुछ देर के लिए वो ये भूल गयी कि जब वो दुल्हन बनेगी तो उसके साथ एक आदमी दूल्हा भी बनेगा.

“हे भगवान! आज तो काम पर काम बढ़ते जा रहे है. अब इस प्लेट को भी ठीक करना होगा.”, सुमति ने कहा. पर फिर वो एक पल को रुक कर अंजलि को देखने लगी और बोली, “अंजलि, आज तो तू … कमाल दिख रही है यार. हाय, कितने सुन्दर फूलों का प्रिंट है तेरी साड़ी पे.

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